मनरेगा हटाने व VB-GRAM G बिल 2025 के विरोध में 27 दिसंबर को जेएमएम का सिमडेगा मे धरना



जागता झारखंड सिमडेगा : भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा अधिनियम, 2005 को समाप्त कर उसकी जगह “VB-G RAM G बिल, 2025” (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण) को लागू किए जाने के खिलाफ व्यापक विरोध शुरू हो गया है। विपक्षी संगठनों  का आरोप है कि यह कदम देशहित पर नही है जिसे लेकर--

जेएमएम के जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना ने कहा यह एक गरीब-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है और ग्रामीण रोजगार की गारंटी को कमजोर करता है । मनरेगा में जहां मजदूरी की 100% लागत केंद्र सरकार वहन करती थी और आवंटन असीमित था, वहीं VB-G RAM G बिल में राज्य-वार सीमित आवंटन तय किया गया है। नए प्रावधानों से राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और अधिक प्रवासी श्रमिक भेजने वाले राज्यों पर पड़ेगा। जिसका हम पूरजोर विरोध करते है l ‎आगे उन्होंने कहा कि केंद्र का यह नया कानून झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों और मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून राज्य के 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े अधिकारों को छीनने की एक गहरी साजिश है। कंडुलना ने स्पष्ट किया कि झामुमो किसी भी जनविरोधी कानून को राज्य में स्वीकार नहीं करेगी और जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी। यह धरना केवल शुरुआत है, यह जनता की आक्रोशित आवाज है। हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार इस कानून को अविलंब वापस ले। केंद्र सरकार अपनी तानाशाही नीति नहीं बदलती है, तो आने वाले दिनों में झामुमो इस आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाएगी।

बिल से मांग-आधारित रोजगार व्यवस्था खत्म : साफिक खान

जेएमएम जिला सचिव साफिक खान ने कहा कि मनरेगा की सबसे बड़ी ताकत उसका मांग-आधारित वित्तीय मॉडल है, जिसमें केंद्र सरकार का बजट आवंटन सीमित नहीं होता और पूरे देश के ग्रामीण परिवारों द्वारा काम की वास्तविक मांग के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित VB-G RAM G बिल इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल देता है। नए बिल में राज्य-वार सीमित आवंटन तय किया गया है, जिससे ग्रामीण रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और गरीब व मजदूर वर्ग को सीधा नुकसान पहुंचेगा। साफिक खान ने कहा कि यह बदलाव मनरेगा की मूल भावना के खिलाफ है और इसका व्यापक विरोध किया l

आज के इस एक दिवसीय धरना के बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

मौके पर मुख्य रूपसे जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना, जिला सचिव सफीक खान, जिला उपाध्यक्ष अनिल तिर्की, जिला उपाध्यक्ष ऑस्कर डांग, जिला उपाध्यक्ष मो सिराजुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष सरफराज अहमद, जिला संगठन सचिव वकील खान, जिला संगठन सचिव साइमन समद,जिला कोषाध्यक्ष राजेश टोप्पो केंद्रीय समिति सदस्य फिरोज अली, केंद्रीय समिति सदस्य नोवास केरकेट्टा, केंद्रीय समिति सदस्य मो इरशाद, केंद्रीय समिति सदस्य नुसरत खातून, केंद्रीय समिति सदस्य सुनील खेश , अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मो सकील अख्तर, छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष बीरेंद्र बड़ा, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष फूलकुमारी समद,महिला मोर्चा सचिव प्रेमधानी हेमरोम,सभी प्रखण्ड अध्यक्ष प्रखण्ड सचिव एवं सभी प्रखण्ड के पदाधिकारी,सभी वर्ग संगठन पदाधिकारी, नगर सचिव बीरबल महतो, नगर उपाध्यक्ष कुंदन कुमार रजक, किशोर डांग,फूलकुमारी समद,मो शहीद, जाफर खान, और भारी संख्या में पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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