जागता झारखंड दुमका ब्यूरो। स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को चार से छह माह तक का मानदेय न मिलने को लेकर चिकित्सा संघ ने गहरी नाराजगी जताई है। रविवार को पुराना सदर अस्पताल दुमका में हुई बैठक में यह पता चला कि वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी भुखमरी जैसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं।बैठक में चिकित्सा संघ के जिला मंत्री कैलाश प्रसाद शाह ने बिरसा कंपनी के ठेकेदार से बात की, जिन्होंने सरकार से आवंटन न मिलने की बात कही, जबकि कंपनी का एग्रीमेंट है कि आवंटन न होने पर भी वेतन कंपनी देगी। ठेकेदार एन. के. सिंह का कहना था कि वेतन अभी नहीं मिलेगा और जो करना है कर लें।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 9 दिसंबर को संघ के पदाधिकारी सिविल सर्जन से वार्ता करेंगे। यदि वार्ता असफल रही, तो 15 दिसंबर को सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी धरने पर बैठेंगे।इसके अलावा, जिला महासंघ के सचिव राजीव नयन तिवारी ने सरकारी अनुबंध कर्मचारियों के समान वेतन, सप्ताह में एक दिन अवकाश, मातृत्व अवकाश और विशेष अवकाश की मांग रखी।बैठक में महासंघ के अध्यक्ष प्राण मोहन मुर्मू, चिकित्सा संघ के अध्यक्ष तपन कुमार ठाकुर, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।यह मामला स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण संघर्ष की दिशा में कदम है।


एक टिप्पणी भेजें