जागता झारखंड ब्यूरो चीफ गुमला गुमला : चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के आखिरी दिन 30 दिसंबर को शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ गुमला में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ 2025-26 के अंतिम दिन शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली के द्वारा मंत्रोचार के साथ प्रातः 9 बजे से 24 हवन कुंडो में भक्तों को पूजन एवं हवन कराया गया । साथ ही आज महायज्ञ के अंतिम दिन नामकरण संस्कार धनंजय कुमार सोनी, मृत्युंजय कुमार सोनी, विद्यारंभ संस्कार- सृष्टि गौरी,दिव्यास कुमार,कृतिका,आयुष कुमार,आराध्या कुमारी, अनिकेत कुमार, आराध्या वर्मा, दीवान कुमार वर्मा, दीक्षा संस्कार-रामाश्रय शर्मा,नीलू सोनी ,राजू सिंह, संगीता देवी, जन्मदिवस पूजन टुनु कुमार का कराया गया। यज्ञ के पश्चात आरती एवं प्रसाद का वितरण किया गया। अंतिम में ब्रह्मदेव जी के द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया गया व शांतिकुंज हरिद्वार से आए आचार्यों टोली नायक-रामतपस्या आचार्य, सहटोली नायक- प्रमोद शास्त्री,गायक-अभय जी,तबलावादक- शिबु मंडावी एवं युगचालक घनश्याम कोर्राम को विदाई दी गई। इससे पूर्व सोमवार को संध्याकालीन कार्यक्रम में संध्या 6 बजे से संगीत व प्रवचन के साथ ही विशाल दीपयज्ञ 6100 दीप प्रज्वलित कर किया गया एवं इस महायज्ञ के सफल संचालन के लिए समिति के सदस्यों को तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरस्वती देवी, केडीएन सिंह, लक्ष्मी विश्वकर्मा, ब्रह्मदेव जी,अशोक साह,परिवार्जक अमित कुमार,अर्जुन कुमार सोनी, प्रमोद सिंह,ओम प्रकाश शर्मा,मीडिया प्रभारी सुनील कुमार दास, सावित्री देवी,ललिता देवी, लक्ष्मी देवी ,प्रज्ञा कुमारी, मालती देवी,ललिता देवी,विक्रम सिंह इत्यादि सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
2* भरनो के प्रवासी मजदूर की मुंबई में करंट लगने से हुई मौत
भरनो थाना क्षेत्र के मारासिली पंचायत अंतर्गत खरतंगा गांव निवासी प्रवासी मजदूर अरजिसन उरांव 30 वर्ष की मौत मुंबई में करंट लगने से हो गई। घटना बीते सोमवार की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक एक महीना पूर्व गांव के अन्य मजदूरों के साथ काम करने मुंबई गया था। मुंबई के किसी कंस्ट्रक्शन साइट पर सरिया चढ़ाने के दौरान उसे बिजली का करंट लग गया,जिससे उसकी मौत हो गई। काम करा रहे ठेकेदार द्वारा आर्थिक सहयोग और गाड़ी व्यवस्था कर अन्य मजदूरों के साथ उसके शव को गांव के लिए रवाना किया है। मृतक अपने पीछे पत्नी और 3 बच्चों को बेसहारा छोड़ गया। घटना की सूचना पर परिजनों का बुरा हाल है । गांव में मातम छाया है।इधर इस घटना की सूचना मिलने पर मारासिली पंचायत के मुखिया सुकेश उरांव ने उसके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
3*चैनपुर की बेटी कंचन टोप्पो बनीं झारखंड सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर
चैनपुर (गुमला) : मंगलवार का दिन रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान के लिए एक नई उम्मीद और गर्व का साक्षी बना। झारखंड सरकार द्वारा आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सैकड़ों युवाओं के सपने सच हुए। इन्हीं चेहरों में एक चमकता हुआ चेहरा कंचन टोप्पो का था जिनकी कहानी आज राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। कंचन टोप्पो गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत प्रेमनगर गांव की रहने वाली हैं। उनके जीवन का सबसे कठिन दौर साल 2014 में आया जब उनके पिता स्वर्गीय जेरोम टोप्पो (जो एक सरकारी शिक्षक थे) का निधन हो गया। पिता के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा । लेकिन कंचन ने हिम्मत नहीं हारी। उनकी माँ जेम्मा टोप्पो जो एक गृहिणी हैं, उन्होंने संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में भी कंचन के हौसले को टूटने नहीं दिया। कंचन की शुरुआती शिक्षा संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय चैनपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने राँची के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। कंचन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत माता-पिता के आशीर्वाद और कुछ कर गुजरने के अटूट संकल्प को दिया है।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में कंचन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका चयन झारखंड सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कंचन के चेहरे पर एक तरफ अपनी मेहनत की सफलता की खुशी थी तो दूसरी तरफ पिता की कमी का अहसास। अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कंचन टोप्पो ने कहा कि यह पद मेरे लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि राज्य की सेवा करने का एक अवसर है। मैं झारखंड के विकास के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करूंगी। कंचन की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव और जिले का नाम रोशन करता है बल्कि यह भी साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो अभाव और संघर्ष भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते।



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