शमीम अहसन जागता झारखंड ब्यूरो गोड्डा: जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, गोड्डा में शनिवार को “व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालयीय अनुशासन की प्रतिबद्धता” विषय पर एकदिवसीय गुरु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार पासवान ने की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक डॉ. इम्तियाज आलम, प्रिया भारती, सूर्यप्रकाश और किशोर कौशलेंद्र ने विषय पर अपने विचार रखे। संगोष्ठी में डॉ. इम्तियाज आलम ने कहा कि आज के दौर में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यक्तित्व निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के लिए सार्वजनिक भाषण, सक्रिय श्रवण और लक्ष्य निर्धारण जैसी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इससे छात्रों में संचार कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सकारात्मक मानसिकता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखने, जवाबदेही और सामाजिक संपर्क को प्रोत्साहित करने से आत्मविश्वास और मजबूत पारस्परिक कौशल का विकास होता है। वहीं विद्यालय की विज्ञान शिक्षिका प्रिया भारती ने कहा कि विद्यार्थियों को मुस्कुराकर, मदद की पेशकश करके तथा दूसरों के जीवन में वास्तविक रुचि दिखाकर मित्रवत और मिलनसार बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल देते हुए कहा कि छात्रों को समस्याओं को चुनौतियों के रूप में देखना चाहिए, जिनका समाधान किया जा सकता है। विद्यालय के शिक्षक किशोर कौशलेंद्र ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता छात्रों में आत्म-नियंत्रण और दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का माध्यम है। वहीं सूर्यप्रकाश ने आत्म-चिंतन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जर्नलिंग जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को स्वयं को बेहतर समझने और जीवन के प्रति अधिक सुसंगत दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करती हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सशक्त व्यक्तित्व निर्माण की भावना को मजबूत करना था।
जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में "व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालयीय अनुशासन की प्रतिबद्धता" विषय पर गुरु संगोष्ठी आयोजित
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