आयोजित हुआ जिला स्तरीय जन शिकायत निवारण दिवस





जागता झारखंड ब्यूरो चीफ गुमला : गुमला:  उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार आज अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 30 से अधिक आवेदकों ने अपनी समस्याएँ रखीं और अपर समाहर्ता से मुलाकात की।

विशुनपुरा निवासी मीना कुमारी ने रोजगार की मांग की, वहीं बसिया की दुलारी देवी ने अपने पति की मृत्यु की जानकारी दी और बताया कि बैंक खाता में नॉमिनी के नाम की स्पेलिंग त्रुटि के कारण वे खाते में उपलब्ध राशि का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस संबंध में सहायता की मांग की। इसी क्रम में दुन्दुरिया निवासी बिनीता कुमारी ने बताया कि वर्ष 2013 में उनके घर पर एलपीजी गैस कनेक्शन दिया गया था, किंतु गत 17 मई को गैस रिसाव से आग लगने के कारण उनके माता-पिता की दुःखद मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद वे पूरी तरह असहाय हो गई हैं और जिला प्रशासन से मुआवजा राशि की मांग की। इस संवेदनशील मामले को देखते हुए अपर समाहर्ता ने आपूर्ति विभाग को पत्र अग्रसारित करते हुए एलपीजी गैस कनेक्शन से मिलने वाले भुगतान को शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें पारिवारिक लाभ योजना तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।गुमला की आयशा खातून और आलिया प्रवीण, जिनकी आयु क्रमशः 11 और 13 वर्ष है तथा जो राजकीयकृत मध्य विद्यालय टोटो की छात्राएँ हैं, ने बताया कि उनके पिता का निधन सात वर्ष पूर्व हो गया था। वे अब तक अपनी माता के साथ रह रही थीं, परंतु हाल ही में वज्रपात से उनकी माता की भी मृत्यु हो गई। दोनों बहनें अब पूरी तरह अनाथ हो गई हैं और अपने मामा के पास रह रही हैं, किंतु मामा की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन-यापन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता ने जिला समाज कल्याण विभाग, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग तथा डीसीपीओ कोषांग को पत्र अग्रसारित कर बच्चियों को त्वरित एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

इस जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान भूमि विवाद, आपसी मतभेद, सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित आवेदन तथा मुआवजा राशि की मांग जैसे कई मुद्दों पर शिकायतें प्राप्त हुईं। अपर समाहर्ता ने उपायुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए सभी आवेदनों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं के निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और प्रत्येक शिकायत का निवारण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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