घटिया निर्माण: ब्लॉक कैम्पस में पीसीसी रोड बनने के साथ ही उखड़ गई

नियम को ताक में रखकर इंजीनियर की मिलीभगत से ठेकेदार बना रहे मोटी रकम।


जागता झारखंड संवाददाता शकील अहमद,भंडरा/लोहरदगा


:  सरकार ही आम लोगों की सुविधा और सहूलियत के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च करती है परंतु सड़क काे इस कदर बनाया जाता है कि कुछ ही दिनों में टूटने लगती है यहां पर बता दें कि विभागीय लापरवाही के कारण संवेदक मनमर्जी से काम को अंजाम देते हैं जिसका नतीजा भंडरा प्रखंड मुख्यालय में नए नवेले ग्रामीण विकास विषेश प्रमंडल से प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षक, तृतीय, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों हेतु बने आवास के किनारे बने सड़क में यह नजारा सबसे अधिक दिखाई पड़ रहा है। नियम को ताक में रखकर इंजीनियर की मिलीभगत से ठेकेदार पैसा बना रहे हैं चंद महीने पूर्व ही सड़क बन कर पूरी हुई है और पहली बारिश में ही सड़क दब गई बह गई। प्रखंड मुख्यालय परिसर में पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य मई जून में किया गया। यह पहली बरसात को भी सहन नहीं कर पाई और ऊबड़ खाबड़ होने लगी है इस सड़क को देखने से पता चलता है कि किस तरह से ठेकेदार सरकारी फंड की पदाधिकारियों के साथ मिलजुल कर बंदरबांट करते हैं।


ब्लॉक कैम्पस में प्रतिदिन सरकारी बाबुओं का आना जाना लगा रहता है।



बता दें कि ब्लॉक कैम्पस बाउंड्री के अंदर पीसीसी निर्माण कार्य का ये हाल है जहां प्रतिदिन सरकारी अफसरों का आना होता है परंतु मजाल है जो किसी अधिकारी का नजर उस घटिया किस्म के काम पर पड़े इससे साफ पता चलता है कि ठेकेदार और इंजिनियर किस तरह सरकारी पैसों को बंदर बांट किए होंगे। 


राशन गाड़ी के चढ़ने से धंस गया पीसीसी-मुंशी


रोड का कार्य देख रेख कर रहे अमित भारती से फोन पर संपर्क कर जागता झारखंड प्रतिनिधि ने जब पूछा कि छः महीने भी नहीं हुवे हैं पीसीसी निर्माण कार्य को किया हुआ और रोड धंसने, ऊबड़, खाबड़ होने लगा है तो उन्होंने कहा राशन गाड़ी के चढ़ने से रोड दब धंस गई है इसे जल्द ही ठीक करा देंगे। अब समझने वाली बात है कि तीन महीना में चंद गाड़ी के चलने से रोड टूटने उखड़ने लगे तो पीसीसी निर्माण कार्य को किस तरह के मैट्रियल से बनाया गया होगा ये जांच का विषय है।

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