ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेदारियों पर दी गई विस्तृत जानकारी

 


महेशपुर में दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ




आकाश यादव जागता झारखंड संवाददाता महेशपुर: प्रखंड के सभागार में मंगलवार को पंचायती राज प्रोजेक्ट प्राण के तत्वावधान में REVAMPED RGSA योजना अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में “ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेवारी” विषय पर दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर सह मुखिया जोगेश्वर हेम्ब्रम ने वार्ड सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी आवश्यकता तथा ग्रामीण स्तर पर इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से बताया कि किस प्रकार ग्राम सभा लोकतंत्र की नींव होती है। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की विशेष भूमिका और उसकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। वहीं, रिसोर्स पर्सन सायम अख्तर ने पेसा कानून (PESA Act) की विभिन्न धाराओं और प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह कानून आदिवासी बहुल और अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को विशेष अधिकार देता है, ताकि वे अपने संसाधनों का प्रबंधन, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा विकास की दिशा स्वयं तय कर सकें। अख्तर ने इसके व्यवहारिक पक्ष की व्याख्या करते हुए यह भी समझाया कि वार्ड सदस्य और ग्राम सभा यदि सही ढंग से कार्य करें, तो विकास योजनाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर सकती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वार्ड सदस्यों को सशक्त बनाना और उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से समावेशी विकास के लिए तैयार करना था। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जनजीवन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे मजबूत कड़ी है।

इस अवसर पर प्रखंड के बीपीआरओ प्रसनजीत मंडल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में महेशपुर प्रखंड के सभी 33 पंचायतों से छह-छह वार्ड सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभागार में प्रशिक्षण के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला और वार्ड सदस्यों ने भी अपनी जिज्ञासाएँ साझा करते हुए विभिन्न सवाल पूछे।

प्रशिक्षण का दूसरा दिन बुधवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्राम सभा की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवहारिक ढंग से समझाने के लिए समूह कार्य और अनुकरण (simulation) कराया जाएगा। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद वार्ड सदस्य अधिक सक्रिय, जागरूक और सक्षम बनकर अपने-अपने पंचायतों में कार्य करेंगे।

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