मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण कार्यक्रम : शिक्षकों का प्रशिक्षण


जागता झारखण्ड लोहरदगा नगर कलीमुल्लाह कुरैशी
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया निपुण भारत मिशन विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) की दक्षता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इसी कड़ी में “मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण” कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों और विद्यालयों में लागू किया जा रहा है ।

 लोहरदगा नगर में आयोजित विशेष बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सुनंदा दास (DEO), मोनीदीपा बनर्जी (ADPO) और सपना कुमारी (APO) ने की। इस अवसर पर जिला स्तर के कई मार्गदर्शक शिक्षक जैसे मनीरूद्दीन, तरुण कुमार, प्रियंका गुप्ता, कासिम, रामजतन, सूर्यकांत भगत, जुबेर और शुक्र उरांव ने शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया। वर्ष 2024 के PARAKH मूल्यांकन में कक्षा 3 के विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पाया था, इसलिए इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को और अधिक प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर जोर देने को कहा गया।

इस कार्यक्रम का केंद्रीय उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ छात्र ठोस रूप से पढ़ना, लिखना और गणना करना सीख सकें। इसके अंतर्गत कक्षा-आधारित गतिविधियों, सहयोगात्मक अधिगम, और सक्रिय भागीदारी पर बल दिया जा रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसमें लक्ष्य रखा गया है कि प्रत्येक छात्र कक्षा 3 तक बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान में दक्ष हो।

सितंबर तक जिले के 460 विद्यालयों में यह योजना चरणबद्ध रूप से लागू कर दी जाएगी। प्रत्येक शिक्षक को पंचायत और गाँव स्तर पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी होगी। "मेरा विद्यालय निपुण" का आशय विद्यालय को एक सक्षम शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है, वहीं "मैं भी निपुण" यह सुनिश्चित करता है कि हर बच्चा आत्मविश्वास और दक्षता के साथ आगे बढ़ सके।




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