जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़की चांपी और जरियो गांव के बीच रविवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौत हो गई। अज्ञात वाहन और मोटरसाइकिल के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में दुबांग गांव निवासी बजरंग मुंडा (22 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके भतीजे जगेश मुंडा (25 वर्ष) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के दो युवकों की असमय मौत से दुबांग गांव सहित आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।दोनों युवकों की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को मुआवजे, मृतकों के परिवार के सदस्यों को नौकरी देने तथा दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन की पहचान कर उसे पकड़ने की मांग को लेकर बड़की चांपी मुख्य सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। सोमवार दोपहर दो बजे तक परिजन और ग्रामीण सड़क पर डटे हुए थे तथा अपनी मांगों को लेकर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
आमने-सामने की टक्कर में गई दो जानें
मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कुडू प्रखंड के दुबांग गांव निवासी बजरंग मुंडा, पिता झुनू मुंडा, और जगेश मुंडा, पिता स्वर्गीय विफई मुंडा, के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा थे। ग्रामीणों के अनुसार, रविवार शाम एक अज्ञात वाहन बड़की चांपी की ओर से लोहरदगा जा रहा था, जबकि मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक लोहरदगा की ओर से अपने गांव दुबांग लौट रहे थे। इसी दौरान बड़की चांपी और जरियो के बीच दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी गंभीर थी कि बजरंग मुंडा ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि जगेश मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गंभीर रूप से घायल जगेश मुंडा को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस तरह एक ही सड़क हादसे में चाचा और भतीजे दोनों की जान चली गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
हादसे के बाद दोनों परिवारों में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद दोनों युवकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। शव गांव पहुंचने की खबर से परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल और गहरा गया। परिवार के दो युवा सदस्यों को खोने के बाद परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
मुआवजा, नौकरी और अज्ञात वाहन की गिरफ्तारी की मांग
दो युवकों की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को बड़की चांपी मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि हादसे में शामिल अज्ञात वाहन की पहचान कर उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए तथा दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और परिवार के सदस्यों को नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के दो युवकों की मौत से परिवार पर गंभीर संकट आ गया है। ऐसे में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराकर राहत दी जानी चाहिए। परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा के साथ सड़क पर जमे रहे।
थाना प्रभारी ने दिया सहायता का भरोसा
घटना की सूचना मिलने पर कुडू थाना प्रभारी नीरज झा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी और सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। वहीं, ग्रामीणों की ओर से दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन की पहचान कर उसे पकड़ने की मांग की गई।
गांव में शोक, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
चाचा-भतीजे की एक साथ मौत से दुबांग गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में मातम पसरा हुआ है। दो परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं और अज्ञात वाहन से होने वाली टक्कर के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।


एक टिप्पणी भेजें