जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:लोहरदगा। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति लोहरदगा के महामंत्री कुणाल वर्मा ने समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष लकड़ा उर्फ इंद्रजीत लकड़ा के चार वर्षों के ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा का कार्यकाल केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किया जाएगा।कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा ने नए मेला मैदान के लिए अथक प्रयास करते हुए समाज के सभी अभिभावकों के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित किया और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मेला मैदान के स्थान परिवर्तन को संभव बनाया। यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व और सभी को साथ लेकर चलने की कार्यशैली का परिचायक है।उन्होंने कहा कि संतोष लकड़ा के कार्यकाल में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति का विस्तार केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोहरदगा जिले के सभी सातों प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों को भी केंद्रीय दुर्गा पूजा से जोड़ा गया। इससे ग्रामीण एवं शहरी समाज के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत हुआ तथा सरना-सनातन एकता की डोर को और मजबूती मिली।कुणाल वर्मा ने कहा कि “संतोष लकड़ा उर्फ इंद्रजीत लकड़ा जी के साथ काम करते हुए मुझे बहुत कुछ सीखने और समझने का अवसर मिला। उनके अनुभव और कार्यशैली से मुझे जो प्रेरणा मिली है, उस अनुभव को मैं निश्चित रूप से समाज को आगे ले जाने और समाज की एकता को और मजबूत करने में लगाऊंगा।”उन्होंने आगे कहा कि “संतोष लकड़ा सरना-सनातन एकता की मिसाल हैं। उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने की जो परंपरा मजबूत की है, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा का चार वर्षों का कार्यकाल केवल उपलब्धियों का दौर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, धार्मिक एकजुटता और सरना-सनातन एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उनके योगदान को केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति और लोहरदगा का समाज लंबे समय तक याद रखेगा,अब संतोष लकड़ा जी का सहयोग हमे संरक्षक के रूप में सदैव मिलता रहेगा।
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:लोहरदगा। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति लोहरदगा के महामंत्री कुणाल वर्मा ने समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष लकड़ा उर्फ इंद्रजीत लकड़ा के चार वर्षों के ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा का कार्यकाल केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किया जाएगा।कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा ने नए मेला मैदान के लिए अथक प्रयास करते हुए समाज के सभी अभिभावकों के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित किया और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मेला मैदान के स्थान परिवर्तन को संभव बनाया। यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व और सभी को साथ लेकर चलने की कार्यशैली का परिचायक है।उन्होंने कहा कि संतोष लकड़ा के कार्यकाल में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति का विस्तार केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोहरदगा जिले के सभी सातों प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों को भी केंद्रीय दुर्गा पूजा से जोड़ा गया। इससे ग्रामीण एवं शहरी समाज के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत हुआ तथा सरना-सनातन एकता की डोर को और मजबूती मिली।कुणाल वर्मा ने कहा कि “संतोष लकड़ा उर्फ इंद्रजीत लकड़ा जी के साथ काम करते हुए मुझे बहुत कुछ सीखने और समझने का अवसर मिला। उनके अनुभव और कार्यशैली से मुझे जो प्रेरणा मिली है, उस अनुभव को मैं निश्चित रूप से समाज को आगे ले जाने और समाज की एकता को और मजबूत करने में लगाऊंगा।”उन्होंने आगे कहा कि “संतोष लकड़ा सरना-सनातन एकता की मिसाल हैं। उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने की जो परंपरा मजबूत की है, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”कुणाल वर्मा ने कहा कि संतोष लकड़ा का चार वर्षों का कार्यकाल केवल उपलब्धियों का दौर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, धार्मिक एकजुटता और सरना-सनातन एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उनके योगदान को केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति और लोहरदगा का समाज लंबे समय तक याद रखेगा,अब संतोष लकड़ा जी का सहयोग हमे संरक्षक के रूप में सदैव मिलता रहेगा।



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