जागता झारखंड संवाददाता रानीश्वर दुमका। उप राजधानी दुमका के अन्तर्गत रानीश्वर प्रखंड के धानभाषा पंचायत में चापुड़िया से वनपाड़ा पहाड़िया टोला जाने वाले मुख्य सड़क पर पीसीसी (PCC) निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों और स्थानीय स्तर पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इसी पथ पर दो अलग-अलग विभागों से कैसे कार्य किया जा सकता है।शिलान्यास का दावा और जमीनी हकीकत,25 अगस्त 2026 को सांसद नलिन सोरेन (दुमका लोकसभा) ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत चापुड़िया से वनपाड़ा पहाड़िया टोला तक 2.55 किमी लंबी सड़क का शिलान्यास किया था। शिलान्यास सूचना बोर्ड पर स्पष्ट लिखा है: विभाग: झारखंड सरकार ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल दुमका
-योजना: प्रधानमंत्री जनमन योजना ,लंबाई: 2.55 किमी
तिथि:25.08.2026
-मुख्य अतिथि:सांसद नलिन सोरेन ,लेकिन जमीनी स्तर पर ग्रामीणों का कहना है कि उसी पथ पर लगभग 400 फीट के हिस्से पर पीसीसी निर्माण का कार्य चल रहा है, जहां नींव खुदाई कर ईंट की सॉलिंग कर दी गई है और अब ढलाई की प्रक्रिया है।सूचना बोर्ड का अभाव और विभागीय उलझन
कार्य स्थल पर कोई सूचना बोर्ड नहीं लगा है, जिससे ग्रामीणों को यह समझने में दिक्कत हो रही है कि:कार्य की कुल लागत कितनी है- किस विभाग से यह कार्य किया जा रहा है? सड़क की सटीक लंबाई क्या है? ग्रामीणों के अनुमान के अनुसार यह पीसीसी निर्माण लगभग 400 फीट का है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर, पीसीसी निर्माण से लगभग 200 फीट की दूरी पर एक सूचना बोर्ड लगा है, जिसमें 25 अगस्त को सांसद द्वारा शिलान्यास की जानकारी दी गई है।विभागीय अधिकारी का बयान,आरईओ विभाग के कनीय अभियंता से पूछने पर बताया गया कि "बीच जो पीसीसी निर्माण किया जा रहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अगर किसी विभाग से पीसीसी निर्माण कार्य को जांच करके रोका जाए।"यह बयान और भी चिंताजनक है क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर भी इस कार्य की जानकारी नहीं है। एक ही पथ पर दो विभागों का कार्य: कैसे संभव? प्रश्न यह उठता है कि एक ही पथ पर दो अलग-अलग विभागों से कैसे कार्य किया जा सकता है? प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 2.55 किमी सड़क का शिलान्यास हुआ है।पीसीसी निर्माण लगभग 400 फीट के हिस्से पर चल रहा है, लेकिन विभाग की जानकारी नहीं है।ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले की जांच की जाए और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्य को रोका जाए।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि: पीसीसी निर्माण कार्य की जांच की जाए। यदि कार्य बिना अनुमति के चल रहा है तो उसे तुरंत रोका जाए।
दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए ताकि एक ही पथ पर दोहरे कार्य की स्थिति न बने।कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया जाए जिसमें लागत, विभाग, ठेकेदार और समय सीमा की जानकारी हो।


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