प्रदान के बोर्ड अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने किया सलगी के रोचो बरवाटोली का भ्रमण, बोले- "लोहरदगा जिला बन सकता है जैविक खेती में अग्रणी


जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:प्रदान संस्था के बोर्ड अध्यक्ष एस. एम. विजयनंद (पूर्व मुख्य सचिव, केरल तथा पूर्व सचिव, पंचायती राज, भारत सरकार) और बोर्ड की उपाध्यक्ष डॉ. रुक्मिणी बनर्जी, सीईओ एवं प्रमुख, प्रथम् संगठन तथा प्रदान संस्था के कार्यकारी निदेशक सरोज महापात्रो ने कुडू प्रखंड के सलगी पंचायत स्थित रोचो बरवाटोली गांव का भ्रमण किया। इस दौरान दोनों सदस्यों ने रोचो बरवाटोली में लोहरदगा में पहली बार इंटरक्रॉपिंग के जरिये हो रही इलायची, वेनिला और काली मिर्च की खेती के मॉडल पर हर्ष व्यक्त किया। साथ ही कहा कि लोहरदगा जिला के पास जैविक खेती में अग्रणी व मॉडल बनने की सभी संभावनाएं मौजूद हैं।


इस अवसर पर सलगी पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवी तथा बड़कीचांपी पंचायत के प्रतिनिधि राजधन भगत ने भी इस भ्रमण में भाग लेते हुए स्थानीय विकास और पंचायतों के भविष्य के प्रति अपनी दृष्टि साझा की।

यह भ्रमण विकसित हो रहे लोहरदगा मॉडल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें समुदाय-नेतृत्वित विकास, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय (Convergence) और जलवायु-अनुकूल आजीविका पर विशेष ध्यान दिया गया। यह गांव प्रदान के गहन RA-APC क्लस्टर के अंतर्गत आता है।

दी गयी जानकारी

गांव की महिला सदस्यों ने बताया कि किस प्रकार समुदाय के योगदान, सामूहिक प्रयासों और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय के माध्यम से गांव में विभिन्न विकासात्मक कार्य संचालित की जा रही हैं।महिला सदस्यों द्वारा बीते तीन वर्ष, वर्तमान स्थिति तथा आगामी दस वर्षों में इसके प्रतिफल की जानकारी सभी के समक्ष रखी। बताया कि किस तरह पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) तकनीक से मिट्टी की सेहत में सुधार, परिवारों के स्वास्थ्य और पोषण में वृद्धि तथा आय में बढ़ोतरी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

महिला सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए

इस दौरान गांव की महिला सदस्यों ने बताया कि किस तरह सभी ने स्वयं सहायता समूह से आगे बढ़कर किसान उत्पादक समूह (एफपीओ) और क्लस्टर स्तरीय महासंघ में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रही हैं।  

इंटरक्रॉपिंग देख हुए प्रभावित

प्रस्तुतियों के बाद बोर्ड के सदस्यों ने किसान उत्पादक द्वारा की गई पहल का निरीक्षण किया और 27 एकड़ के आम बागवानी के साथ-साथ की जा रही अंतरवर्तीय खेती (Intercropping) और Straw Mulching जैसी तकनीकों का सफल उपयोग से काफी प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त उन्होंने बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों, पोषण वाटिकाओं, विभिन्न मॉडलों वाले पुनर्योजी कृषि प्लॉट (जिनमें स्थायी Raised Bed मॉडल भी शामिल है), बड़े पैमाने पर पपीता बगान, ब्रॉयलर पोल्ट्री यूनिट तथा पुनर्योजी कृषि नर्सरी का भी निरीक्षण किया।

क्षेत्रीय भ्रमण के बाद अतिथियों ने सीड बैंक, स्थानीय खाद्य पदार्थों और स्थानीय एफपीओ के मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सभी हितधारकों के बीच एक चर्चा आयोजित हुई। इस दौरान श्री विजयनंद और डॉ. रुक्मिणी बनर्जी ने महिला सदस्यों के आत्मविश्वास और स्पष्टता की सराहना की, जिसके साथ उन्होंने गांव की बहुआयामी विकास प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने सुझाव दिया कि विलेज स्कोरकार्ड (Village Scorecard) और विभागीय समन्वय (Convergence) विश्लेषण की यह पद्धति अन्य पंचायतों में भी अपनायी जा सकती है।

उपायुक्त के पहल की सराहना

बोर्ड के सदस्यों ने पंचायत और गांव स्तर पर अपनाए जा रहे Convergence Model की भी सराहना की। PRADAN टीम द्वारा प्रस्तुत विकास दृष्टिकोण को समुदाय-नेतृत्वित और सहयोगात्मक विकास के एक पुनरुत्पादित (Replicable) मॉडल के रूप में देखा  

श्री विजयनंद ने जिला के उपायुक्त डॉ ताराचंद के भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने पंचायत सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और विभिन्न विभागों में समन्वय एवं प्रभावी सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा की पंचायत गोइठ जैसा कार्यक्रम बहुत प्रभावी है और वो इस बात की सरकार से अनुशंसा करेंगे कि झारखंड के सभी जिला में ये कार्यक्रम हर सप्ताह हो। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोहरदगा जिला आने वाले समय में पूर्ण रूप से जैविक कृषि जिला बन सकता है।जिला अधिकारियों ने भी चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए आजीविका, मृदा एवं जल संरक्षण, पंचायती राज सुदृढ़ीकरण तथा जिले में चल रही अन्य विकास पहलों को साझा किए।

इस अवसर पर प्रदान लोहरदगा टीम से टीम कोर्डिनटर मोहम्मद फहद खान ने अतिथियों के साथ समन्वय स्थापित किया।

इस भ्रमण में जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, जिला उद्यान पदाधिकारी सौरव लोहानी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी मोहितोष पांडेय, जिला पशुपालन पदाधिकारी रमेश उरांव व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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