घाघरा में ग्रामीण रोजगार सेवक की मौत, छह माह से बकाया मानदेय बना काल



जागता झारखंड संवाददाता बजरंग कुमार महतो घाघरा (गुमला) :- घाघरा प्रखंड अंतर्गत घाघरा पंचायत में कार्यरत ग्रामीण रोजगार सेवक बिफेश भगत का रविवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। बीमारी बढ़ते-बढ़ते जॉन्डिस में तब्दील हो गई, लेकिन आर्थिक तंगी और समय पर इलाज नहीं हो पाने के कारण उनकी जान चली गई।परिजनों के अनुसार बिफेश भगत को पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिला था, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। पैसों के अभाव में उनका समुचित इलाज नहीं हो सका, जिसका नतीजा उनकी असमय मृत्यु के रूप में सामने आया।बिफेश भगत की पत्नी सावित्री भगत घाघरा प्रखंड के तिलसिरी गेरेटोली में आंगनबाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें भी पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिला है। पति की मृत्यु के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब उनके सामने रोजमर्रा के जीवन यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में कार्यरत कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं मिलने और इसके गंभीर परिणामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, बकाया मानदेय का भुगतान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

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