जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह
लोहरदगालोहरदगा, मेन रोड पावरगंज। मात्र 6 साल की मासूम अरिसा फातिमा ने इस पवित्र महीने रमजान में अपना पहला रोजा रखकर सबका दिल जीत लिया। लिवेंश एकेडमी में के.जी. की छात्रा अरिसा ने नन्हे कदमों से इस नेकी का सफर शुरू किया, जो परिवार और मोहल्ले वालों के लिए प्रेरणा बन गया।अरिसा के पिता साजीद अहमद, जिन्हें प्यार से 'चंगू' कहा जाता है, एक मेहनती व्यक्ति हैं। मां साकिया प्रवीण घर की लक्ष्मी हैं, जो बेटी को इस्लामी मूल्यों से सींच रही हैं। सुबह सेहरी के समय अरिसा ने उत्साह से रोजा शुरू किया। पूरे दिन भूख-प्यास सहते हुए वह स्कूल गईं और शाम इफ्तार तक दृढ़ रहीं। परिवार ने इफ्तार पर विशेष दुआएं कीं।यह उपलब्धि छोटी लगे, लेकिन अरिसा जैसी नन्ही परी का जज्बा बड़े-बुजुर्गों को सिखाता है कि नेकी की शुरुआत कभी देर से नहीं होती। मोहल्ले वासी उनकी तारीफ कर रहे हैं। अरिसा ने कहा, "मैं अल्लाह को खुश करना चाहती हूं।" ऐसे बच्चे समाज को मजबूत बनाते हैं।


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