जागता झारखंड दुमका ब्यूरो:- झारखंड राज्य के कुशल नेतृत्व में प्रगति के पथ पर अग्रसर होने के बीच दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों के अनियंत्रित परिचालन से हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। जिसको लेकर इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष ने माननीय मुख्यमंत्री के नाम दुमका डीसी को सोपा आवेदन, आवेदन में लिखा है कि दिन के समय कोयला, पत्थर चिप्स आदि लदे हाईवे ट्रकों के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की है। आवेदन में सख्ती से चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन या चक्का जाम जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।आवेदन में कहा गया है कि झारखंड के मुख्यमंत्री न केवल राज्य बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में शुमार हैं। गरीबों, मजदूरों, आदिवासियों, किसानों एवं आम जनता के हित में उनके निर्णय आशा की किरण बने हैं। सड़क सुरक्षा, जनकल्याण, सामाजिक न्याय एवं विकास के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक कार्यों पर पूर्ण विश्वास है। इसी नाते दुमका-पाकुड़ मुख्य सड़क की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया गया है, जहां भारी वाहनों की तेज रफ्तार से आए दिन गंभीर हादसे हो रहे हैं। इनमें गरीब एवं निर्दोष लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।यह मार्ग मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं एवं दैनिक यात्री वर्ग का मुख्य रास्ता है। दिन के समय ट्रकों की लापरवाही से लोगों के मन में भय व्याप्त है। कोई घर से निकलते समय यह विश्वास नहीं कर पाता कि सुरक्षित लौट पाएगा। अब तक कई परिवारों ने कमाने वाले सदस्य खोए हैं, महिलाएं विधवा हुई हैं और बच्चे अनाथ हो गए हैं। दुर्भाग्य से पीड़ितों को न सहायता मिलती है न सुध लेने वाला कोई होता है।मांगें ऐसी:
यूनियन अध्यक्ष ने आवेदन में निम्न मांगें रखी हैं-
1. दुमका-पाकुड़ मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित हो।
2. ट्रकों को केवल रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक परिचालन की अनुमति मिले।
3. सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध लगे।
4. उल्लंघन पर वाहन मालिकों-चालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।आवेदन में कहा गया कि एक आदेश मात्र से दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी और जनजीवन सुरक्षित होगा। यूनियन ने शांति-अनुशासन में आस्था जताते हुए चेताया कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन की स्थिति बनेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जनहित, जनसुरक्षा एवं जीवन रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र आदेश जारी करने की प्रार्थना की गई है।स्थानीय लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सड़क पर ट्रकों की भरमार से रोज खतरा बना रहता है। प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है।




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