दलित महिला पर अत्याचार के खिलाफ सख़्ती से करवाई करवाने के लिए उनके परिजनों से मिले महा दलित परिसंघ के प्रदेश महासचिव

धनबाद एसएसपी, मुख्यमंत्री, राज्यपाल के पास किया लिखित शिकायत


जागता झारखंड धनबाद ब्यूरो जितेंद्र चौधरी: वंचित शोषित सामाजिक संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ महा दलित परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश पिम्परे, एवं राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चंदन लाल बाल्मीकि जी के निर्देशानुसार प्रीत महिला को इंसाफ दिलाने के लिए आगे आए महादलित परिषद संगठन 

संविधान दिवस पर दलित महिला कर्मचारी के साथ अमानवीय व्यवहार, दलित संगठनों ने किया कड़ा विरोध

26 जनवरी को पूरा देश संविधान दिवस मना रहा था, जो हर नागरिक को समान अधिकार और समानता का संदेश देता है। लेकिन ठीक उसी दिन संविधान की मूल भावना को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई। नगर पालिका की एक दलित महिला कर्मचारी से उसके निर्धारित कार्य क्षेत्र से बाहर जबरन सफाई कार्य कराया गया, और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट व गाली-गलौज की गई।

इस घटना को लेकर दलित समाज में भारी आक्रोश है। दलित संगठनों ने इसे संविधान और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है। संगठनों का कहना है कि संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन आज भी दलित समाज को अपमान और अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है।

दलित समाज ने प्रशासन से मांग की है कि दोषि की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा दलित समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।

घटना के विरोध में मौके पर

दलित महासंघ के प्रदेश महासचिव किस्मत कुमार भुईयां,

जमुआ पंचायत के मुखिया अर्जुन भुईयां,

अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति, बाघमारा प्रखंड के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार,

बोकारो जिला दलित महासंघ सचिव रणजीत बाउरी

सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि संविधान दिवस पर ऐसी घटना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है और दोषि को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

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