परिवार की जिम्मेदारियां भूला जा रहे नशेड़ी, बच्चों का भविष्य भी खतरे में।
जागता झारखंड संवाददाता शकील अहमद।भंडरा/लोहरदगा : जिला में नशे का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। गंजेडियों का गिरोह सक्रिय हो गया है और वे शहरी और देहाती इलाकों में लुट, छीन-झपट और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं,नशे के कारण लोगों को न केवल अपने पैसे और कीमती सामान से हाथ धोना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से भी नुकसान पहुंच रहा है। नशे के कारण लोगों को कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे कि टीबी, एचआईवी, और मानसिक विकास, इसके अलावा कई परिवार उजड़ जा रहे हैं परिवारों का भी नुकसान हो रहा है, क्योंकि नशे की लत में लोग अपने परिवार की जिम्मेदारियों को भूल जाते हैं और उनके बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है।
गली गली मौत का सामान बिक रहा है, नशा से युवा नस्ल हो रहे बर्बाद।
शराब, थिनर, वाइटनर, कोरेक्स, ड्रग्स, नशीली टेबलेट्स, चरस, गांजा, अफीम, सहित तरह तरह के नशीले पदार्थों की खेप पर खेप बड़े स्तर से लेकर छोटे स्तर तक बड़ी सुगमता से पहुंच रही है। हमारी संवैधानिक व्यवस्था भले ही निषेध की बात करती हो लेकिन हकीकत कुछ और है जिससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता बल्कि सच्चाई को स्वीकार करने की आदत हमें डालनी होगी, संवैधानिक उपबन्धों एवं बालश्रम को रोकने की बात करने वाले एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं की भरमार भले ही लेकिन स्थिति इतनी बदतर है कि बालश्रम पर अंकुश आज तक नहीं लगाया जा सकता है। यह उसी की परिणति है कि शहरों एवं कस्बों में कबाड़ बीनने वाले छोटे-छोटे नौनिहाल तक वाहनों के पंचर बनाने में प्रयुक्त होने वाले द्रव्य पदार्थ साल्यूशन को भी नशे के तौर पर सूंघते हैं।
शादी शुदा जिंदगी हो रहे बर्बाद, टूट रहे रिश्ते की डोर।
24 वर्षीय सलमान की ढाई साल पहले शादी हुई थी, लेकिन नशे की आदत के कारण अक्सर घर में लड़ाई झगड़े होते थे। सलमान की मां कहती हैं कि उनका बेटा लॉकडाउन से पहले ठीक कमाता था। वह एक दुकान में नौकरी करता था और जल्द ही अपनी एक दुकान शुरू करने वाला था, लेकिन लॉकडाउन आने से काम बंद हो गया। उस दौरान मोहल्ले में उठना बैठना बढ़ा और लॉकडाउन खुलते खुलते वह स्मैक के नशे का शिकार हो चुका था।
रोकथाम हेतु प्रशाशन, समाज एवं परिवार के सदस्यों को सख्त कदम उठाने की जरूरत।
नशे के इस जाल से बच्चों और युवाओं को बचाने के लिए परिवार के सदस्यों को जागरूक होना होगा और उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए प्रयास करना होगा। साथ ही, सरकार और समाज को भी नशे के खिलाफ लड़ने के लिए आगे आना होगा और पुलिस-प्रशाशन को नशे के कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी, नशे के नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को नशे के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए हमें मिलकर काम करने की जरूरत है।



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