सभी आरोपों से बरी हुए वरिष्ठ पत्रकार वसीम अकरम; न्यायालय ने कहा- निर्दोष



जागता झारखंड साहिबगंज : 08 अगस्त साहिबगंज व्यवहार न्यायालय के डिस्ट्रिक्ट एडिशनल सेशन जज श्री रजनी कांत पाठक की अदालत ने शुक्रवार को एक बहुचर्चित मामले में अहम फैसला सुनाते हुए वरिष्ठ पत्रकार वसीम अकरम को एससी-एसटी मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला एससी/एसटी थाना साहिबगंज कांड संख्या 01/22 अंतर्गत था, जिसे स्वर्गीय सुधारानी दास द्वारा दर्ज कराया गया था।

अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर वसीम अकरम के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए। परिणामस्वरूप उन्हें सभी धाराओं से मुक्त कर दिया गया।

वसीम अकरम ने फैसले के बाद मीडिया से कहा, "यह मेरी बेगुनाही की जीत है। लंबे समय से मुझ पर लगे झूठे आरोपों के कारण मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ी, खासकर सोशल मीडिया के माध्यम से केसकार्ता के परिजनों द्वारा अनाप स्नाप पोस्ट कर बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम किया गया। लेकिन मैंने हमेशा कानून और न्यायपालिका पर भरोसा रखा, और आज वह भरोसा सही साबित हुआ।"

इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है, जबकि वसीम अकरम ने इसे "सच और न्याय की जीत" बताया।

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