जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:लोहरदगा। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 22 से 26 सितंबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW)-2026 में लोहरदगा जिले की जल सहिया श्रीमती नीता लकड़ा, ग्राम सेरेंगहातु को अपने गांव में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिला।कार्यक्रम में नीता लकड़ा ने तरल अपशिष्ट (ग्रे-वाटर) प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में गांव में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक और संगठित कर विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के अभिसरण से गांव में नाली निर्माण, सोख्ता गड्ढों तथा घरेलू एवं सार्वजनिक जल स्रोतों के आसपास जल निकासी और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था विकसित की गई।उन्होंने बताया कि सामुदायिक सहभागिता से गांव में सकारात्मक बदलाव आया है। घरों से निकलने वाले पानी को खुले में बहने देने के बजाय सोख्ता गड्ढों के माध्यम से जमीन में समाहित किया जा रहा है। अधिकांश घरों के साथ-साथ सार्वजनिक जल स्रोतों के पास भी सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया गया है। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जलजमाव की समस्या में कमी आई है तथा स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिली है।नीता लकड़ा ने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न विभागों के सहयोग से जल संरक्षण एवं ग्रे-वाटर प्रबंधन को जनभागीदारी आधारित पहल का रूप दिया गया है। जलजमाव कम होने से गंदगी और दूषित पानी से होने वाली समस्याओं से भी ग्रामीणों को राहत मिली है।अंतरराष्ट्रीय मंच पर जमीनी स्तर की जल सहिया द्वारा साझा किए गए इस अनुभव और सामुदायिक मॉडल की उपस्थित प्रतिनिधियों ने सराहना की। कार्यक्रम में भारत सरकार के सचिव श्री के. के. मीणा, विभिन्न राज्यों के सचिव, मिशन निदेशक तथा अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों के अलावा ग्रे-वाटर प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड के सचिव श्री अबू इमरान तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), झारखंड की अभियान निदेशक श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम भी उपस्थित थीं।लोहरदगा की जल सहिया को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने गांव की सफलता की कहानी प्रस्तुत करने का अवसर मिलना जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल ग्रामीण समुदाय की सहभागिता, जल सहियाओं के नेतृत्व और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से जल संरक्षण, ग्रे-वाटर प्रबंधन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में स्थायी बदलाव की संभावनाओं को दर्शाती है।
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:लोहरदगा। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 22 से 26 सितंबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW)-2026 में लोहरदगा जिले की जल सहिया श्रीमती नीता लकड़ा, ग्राम सेरेंगहातु को अपने गांव में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिला।कार्यक्रम में नीता लकड़ा ने तरल अपशिष्ट (ग्रे-वाटर) प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में गांव में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक और संगठित कर विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के अभिसरण से गांव में नाली निर्माण, सोख्ता गड्ढों तथा घरेलू एवं सार्वजनिक जल स्रोतों के आसपास जल निकासी और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था विकसित की गई।उन्होंने बताया कि सामुदायिक सहभागिता से गांव में सकारात्मक बदलाव आया है। घरों से निकलने वाले पानी को खुले में बहने देने के बजाय सोख्ता गड्ढों के माध्यम से जमीन में समाहित किया जा रहा है। अधिकांश घरों के साथ-साथ सार्वजनिक जल स्रोतों के पास भी सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया गया है। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जलजमाव की समस्या में कमी आई है तथा स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिली है।नीता लकड़ा ने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न विभागों के सहयोग से जल संरक्षण एवं ग्रे-वाटर प्रबंधन को जनभागीदारी आधारित पहल का रूप दिया गया है। जलजमाव कम होने से गंदगी और दूषित पानी से होने वाली समस्याओं से भी ग्रामीणों को राहत मिली है।अंतरराष्ट्रीय मंच पर जमीनी स्तर की जल सहिया द्वारा साझा किए गए इस अनुभव और सामुदायिक मॉडल की उपस्थित प्रतिनिधियों ने सराहना की। कार्यक्रम में भारत सरकार के सचिव श्री के. के. मीणा, विभिन्न राज्यों के सचिव, मिशन निदेशक तथा अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों के अलावा ग्रे-वाटर प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड के सचिव श्री अबू इमरान तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), झारखंड की अभियान निदेशक श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम भी उपस्थित थीं।लोहरदगा की जल सहिया को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने गांव की सफलता की कहानी प्रस्तुत करने का अवसर मिलना जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल ग्रामीण समुदाय की सहभागिता, जल सहियाओं के नेतृत्व और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से जल संरक्षण, ग्रे-वाटर प्रबंधन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में स्थायी बदलाव की संभावनाओं को दर्शाती है।



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